ऑनलाइन दुनिया में 'फिशिंग' के जाल से इस तरह बच सकते हैं, आप भी अपनाएं सुरक्षा के यह उपाय..!
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आजकल लोगों की इंटरनेट से जुड़ी जरूरत बढ़ती जा रही है। इसी के साथ लोगों के ईमेल, सोशल मीडिया
एकाउंट, वाट्सएप, फेसबुक, बैंक एकाउंट भी हैकरों द्वारा तेजी से हैक करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वक्त 'फिशिंग' के जरिए हैकिंग को अंजाम दे रहे हैं। ज्यादातर लोगों के स्मार्ट फोन, मैसेंजर, वाट्सअप, फेसबुक, ट्वीटर पर मैसेज आता है कि आपका लोन अप्रूव हो गया है या आपके एकांउट में दस हजार रुपये के्र डिट या डेबिट हो गए हैं। इस लिंक पर क्लिक करके जानकारी लें। जैसे ही इस लिंक पर आपने क्लिक किया आप हैकिंग का शिकार हो जाते हैं। मगर थोड़ी सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
एकाउंट, वाट्सएप, फेसबुक, बैंक एकाउंट भी हैकरों द्वारा तेजी से हैक करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वक्त 'फिशिंग' के जरिए हैकिंग को अंजाम दे रहे हैं। ज्यादातर लोगों के स्मार्ट फोन, मैसेंजर, वाट्सअप, फेसबुक, ट्वीटर पर मैसेज आता है कि आपका लोन अप्रूव हो गया है या आपके एकांउट में दस हजार रुपये के्र डिट या डेबिट हो गए हैं। इस लिंक पर क्लिक करके जानकारी लें। जैसे ही इस लिंक पर आपने क्लिक किया आप हैकिंग का शिकार हो जाते हैं। मगर थोड़ी सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
- स्मार्ट फोन है आसान..!
फिशिंग के जरिए सोशल मीडिया एकांउट और स्मार्ट फोन को आसानी से हैक किया जा सकता है। इतना ही नहीं गूगल पे, फोन पे, पेटीएम वॉलेट को भी हैक करके उसमें से हैकर पैसे आसानी से चुरा ले रहे हैं। इसमें हैकर एक फेक वेबसाइट के जरिए लोगों के एकाउंट को हैक कर रहे हैंं। फेक वेबसाइट का लिंक यूजर को हैकर भेजते हैं। इसमें हैकर एक साथ लाखों लोगों को यह लिंक भेजते हैं ताकि कोई न कोई तो उनका शिकार बन जाए। उधर लिंक देख यूजर समझ नहीं पाता कि यह नकली एकाउंट है, वह एक्सेस कर लेता है और हैकर के पास स्मार्ट फोन से एक्सेस करने वाले सभी एप का यूजर आई व पासवर्ड हैकर को मिल जाता है। इसी तरह सोशल मीडिया वेबसाइट का मिलता जुलता लिंक लोगों को हैकर भेजते हैं और लोग इसके जाल में फंस जाते हैं।
- इस तरह होती है हैंकिंग..!
एक मैसेज यूजर के पास आता है जिसमें लिखा होता है कि आपके फेसबुक, ट्वीटर, जीमेल का पासवर्ड बदला जा चुका है। अगर आपने नहीं किया है तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके नया पासवर्ड बनाएं। जबकि यह फेक वेबसाइट से आया हुआ मैसेज होता है। यूजर जल्दबाजी मेंं उस लिंक पर क्लिक कर यूूजर आई और पासवर्ड डाल देता है। बस हैकर का काम आसान हो जाता है।
- नहीं है कोई साफ्टवेयर..!
फिशिंग से बचने के लिए कोई साफ्टवेयर नहीं बना है। बस अपनी सूझबूझ से बचा जा सकता है। अगर कोई भी इस तरह का मैसेज आए तो बिना जांच किए उस पर क्लिक न करें।
आपको एक मेल आता है कि आपका फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड बदला जा चुका है अगर आपने नहीं किया है तो उस पर क्लिक करें और ये मेल नो रिप्लाई एट फनबुक डाट कॉम की तरफ से भेजा गया है। कोई भी इस तरह के लिंक को पहले ओपेन न करें बल्कि इत्मिनान के साथ उसकी जांच करें। बेहतर होगा कि उस मैसेज को बिना खोले डिलीट कर दें।
- मिलती जुलती आइडी..!
आपको एक मेल आता है कि आपका फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड बदला जा चुका है अगर आपने नहीं किया है तो उस पर क्लिक करें और ये मेल नो रिप्लाई एट फनबुक डाट कॉम की तरफ से भेजा गया है। कोई भी इस तरह के लिंक को पहले ओपेन न करें बल्कि इत्मिनान के साथ उसकी जांच करें। बेहतर होगा कि उस मैसेज को बिना खोले डिलीट कर दें।
- तीन तरह के हैं हैकर:-
- ब्लैक हैट हैकर जो गलत काम के लिए हैकिंग करते हैं।
- ग्रे हैट हैकर जो पैसे के लिए गलत-सही दोनों तरह की हैकिंग करते हैं।
- वाइट हैट हैकर जो सरकार के लिए सही काम के लिए हैकिंग करते हैं। यानी जनता की सुरक्षा के लिए काम करते हैं इस काम को करने वाले को इथिकल हैकर भी बोलते हैं।
- टोर ब्राउजर का करते हैं इस्तेमाल:
लत काम करने वाले हैकर एक अलग तरह का टोर ब्राउजर का उपयोग करते हैं। अपनी आइपी को दुनिया के अलग-अलग देशों में बंप करते हैं जिससे इनकी लोकेशन का सटीक पता नहीं चल पाता।
आपके स्मार्ट फोन पर मैसेज आता है कि आपका लोन अप्रूव हो गया जबकि आपने किसी लोन के लिए अप्लाई ही नहीं कि या था। बेहतर होगा इस मैसेज को ओपेन न करें और मैसेज को डिलीट कर दें। कोई भी वेबसाइट आपने किसी लिंक के जरिए खोली है तो उसकी पुष्टि कर लें कि वेबसाइट के पहले नाम में एचटीटीपीएस लगा है या नहीं क्योंकि इसमें लगा हुआ 'एस' सिक्योरिटी को दर्शाता है। कभी भी आपको गूगल पे, फोन पे जैसे वॉलेट में मैसेज आया कि आपका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो गया है या अधूरा है। इसके बाद मैसेज में लिखा होगा कि उस लिंक को फालो करके थर्ड पार्टी एप को इंस्टाल करके अपनी केवाईसी या रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसे फालो करने की गलती कभी न करें क्योंकि ऐसा करने पर आपके एप का यूजर आई व पासवर्ड हैकर के हाथ में चला जाएगा।
बोले विशेषज्ञ :
हैकर एक दूसरे को हैक नहीं कर पाते। कई बार आपको यूएस या किसी अन्य देश से कॉल आता है या आपके नंबर से ही आपको कॉल आता है तो वह भी फिशिंग ही होती है। कुल मिलाकर बिना जांच किए किसी भी लिंक पर हड़बड़ी में क्लिक न करें। इस वक्त फिशिंग के जरिए हैकिंग तेजी से हो रही है। -
- टोर ब्राउजर का करते हैं इस्तेमाल:
आपके स्मार्ट फोन पर मैसेज आता है कि आपका लोन अप्रूव हो गया जबकि आपने किसी लोन के लिए अप्लाई ही नहीं कि या था। बेहतर होगा इस मैसेज को ओपेन न करें और मैसेज को डिलीट कर दें। कोई भी वेबसाइट आपने किसी लिंक के जरिए खोली है तो उसकी पुष्टि कर लें कि वेबसाइट के पहले नाम में एचटीटीपीएस लगा है या नहीं क्योंकि इसमें लगा हुआ 'एस' सिक्योरिटी को दर्शाता है। कभी भी आपको गूगल पे, फोन पे जैसे वॉलेट में मैसेज आया कि आपका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो गया है या अधूरा है। इसके बाद मैसेज में लिखा होगा कि उस लिंक को फालो करके थर्ड पार्टी एप को इंस्टाल करके अपनी केवाईसी या रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसे फालो करने की गलती कभी न करें क्योंकि ऐसा करने पर आपके एप का यूजर आई व पासवर्ड हैकर के हाथ में चला जाएगा।
बोले विशेषज्ञ :
हैकर एक दूसरे को हैक नहीं कर पाते। कई बार आपको यूएस या किसी अन्य देश से कॉल आता है या आपके नंबर से ही आपको कॉल आता है तो वह भी फिशिंग ही होती है। कुल मिलाकर बिना जांच किए किसी भी लिंक पर हड़बड़ी में क्लिक न करें। इस वक्त फिशिंग के जरिए हैकिंग तेजी से हो रही है। -

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